मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के पिछडे वर्ग से ताल्लुक रखने वाले तीन मुख्यमंत्री पिछले वर्षो में हुए हैं । सुश्री उमा भारती, श्री बाबूलाल गौर और श्री शिवराज सिंह चौहान इन तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व बाली कांग्रेस की मध्यप्रदेश सरकार द्वारा पिछडे वर्ग के लिए ऐतिहासिक फैसला कर 27 आरक्षण के लिए लिये गये निर्णय का स्वागत नहीं किया है । पिछडे वर्ग के इन तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों ने पिछडे वर्गो के कल्याण के लिए कोई ठोस निर्णय भी नहीं लिया।

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग की अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा ने भोपाल में आज 15 मार्च 2019 को एक प्रेस कांफ्रेंस में यह बात कही। श्रीमती शोभा ओझा ने कहा मध्यप्रदेश भाजपा के अध्यक्ष और सांसद राकेश सिंह, बालाघाट से सांसद बोधसिंह भगत, दमोह से सांसद प्रहलाद सिंह पटेल, होशंगाबाद से सांसद उदय प्रताप सिंह, सागर से सांसद लक्ष्मीनारायण यादव, सतना से सांसद गणेश सिंह और राज्य सभा सदस्य कैलाश सोनी जो कि पिछडे वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं। लेकिन इन्होंने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा पिछडा वर्ग के हित में लिये गये निर्णय का स्वागत नहीं किया है।

यही रवेया मध्यप्रदेश के पिछडे वर्ग के पूर्व मंत्री और बीजेपी पिछडा वर्ग सेल के पदाधिकारियों का रहा। उन्होंने ने भी कमलनाथ द्वारा पिछडे वर्ग के कल्याण के लिए लिये गये निर्णय पर कोई स्वागत नहीं किया गया है। इससे जाहिर होता है कि ​बीजेपी के नेता ओबीसी आरक्षण विरोधी हैं। इसलिए किसी एक भी नेता ने स्वागत नहीं किया है और न ही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री तथा आदर्श राजनेता कमलनाथ को धन्यवाद ज्ञापित किया गया है।।

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