जब भारत को पीड़ा होती है, राहुल गांधी को बहुत खुशी होती हैः रविशंकर प्रसाद
नई दिल्लीः संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) आतंकी मसूद अजहर पर चीन के रुख के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा पीएम मोदी से सवाल किए जाने का बीजेपी ने करारा जवाब दिया है. बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि जब भी भारत को तकलीफ होती है तो राहुल गांधी को बहुत खुशी होती है. उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी को पता होना चाहिए कि विदेश नीति ट्विटर से नहीं चलती है. उन्होंने कहा बड़े अफसोस के साथ ये कहना पड़ रहा है कि आतंकवाद केे खिलाफ लड़ाई में कांग्रेस कभी भी गंभीर नहीं होती है. राहुल गांधी जी आज आपकी विरासत के कारण ही चीन सुरक्षा परिषद का सदस्य है.’

केंद्रीय मंत्री ने कहा ‘आतंकवादी मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने पर आज चीन को छोड़कर पूरी दुनिया भारत के साथ खड़ी है. ये एक तरह से भारत की कूटनीतिक जीत है. मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के लिए इस बार प्रस्ताव अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस लेकर आए, चीन को छोड़कर बाकी सभी देशों ने इस प्रस्ताव को सपोर्ट किया. चीन के इस कदम से भारत और भारतवासी बहुत दुखी हैं.’

उन्होंने कहा, ‘क्या मसूद अजहर जैसे नृशंस हत्यारे के मामले में कांग्रेस का स्वर दूसरा होगा? राहुल गांधी के ट्वीट से ऐसा लगता है कि उन्हें इस बात से खुशी है. भारत को जब भी पीड़ा होती है तो राहुल खुश क्यों होते हैं?’ रविशकंर प्रसाद ने कहा, ‘राहुल गांधी से मेरा सवाल है कि 2009 में यूपीए के समय में भी चीन ने मसूद अजहर पर यही टेक्निकल ऑब्जेक्शन लगाया था, तब भी आपने ऐसा ट्वीट किया था क्या?’

रविशकंर प्रसाद ने कहा, ‘राहुल गांधी को इतिहास का ज्ञान नहीं है. उन्हें पता होना चाहिए कि देश नेहरू जी की गलती भुगत रहा है . नेहरू की वजह से यूएन का स्थायी सदस्य बना था चीन.’ इस बात को साबित करने के लिए बीजेपी ने कांग्रेस नेता शशि थरूर की किताब का हवाला दिया.

बीजेपी नेता ने कहा कि यूएनएससी में मसूद अजहर को लेकर प्रतिबंधन लगाने के बारे में चार बार कोशिश हुई है. पहली कोशिश 2009 में हुई थी. दूसरी कोशिश 2016, 2017 और ये चौथी कोशिश हुई है. 2019 की कोशिश में सबसे उल्लेखनीय बात ये है कि यूएनएससी में इस प्रस्ताव को फ्रांस, अमेरिका, इंग्लैंड ने मूव किया और उसको को स्पॉन्सर किया चीन को छोड़कर सिक्योरिटी काउंसिल के सारे सदस्यों नें. ये भारत की बहुत बड़ी राजनायिक जीत है. इस मुद्दे पर सारे देश हमारे साथ खड़े हैं. चीन के रुख को लेकर हमने चीन को बता दिया है कि भारत बहुत दुखी है.

कोई जवाब दें