भोपाल के प्राकृतिक सौंदर्य को और निखारना है- मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह
“अर्बन डायलाग्‍स-रिइमेजिनिंग भोपाल” संगोष्ठी में मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह
भोपाल। प्राकृतिक सौंदर्य भोपाल की पहचान है। भोपाल शहर के विकास के प्लान में इस बात का ध्यान रखा जाये कि शहर के प्राकृतिक सौंदर्य में और अधिक निखार आये। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने यह बात “अर्बन डायलाग्‍स-रिइमेजनिंग भोपाल” पर संगोष्ठी में कही। जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में निरंतर हो रहे विकास को देखते हुए भोपाल शहर के लिये नया मास्टर-प्लॉन बनाया जाना समसामयिक होगा।

श्री सिंह ने कहा कि शहर के सभी परिवहन साधनों को एक-दूसरे से जोड़ा जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि मेट्रो रेल के साथ ही मोनो रेल, बस परिवहन, रोप-वे को साथ में जोड़ें। इसके साथ ही एक ही कार्ड से सभी प्रकार के परिवहन में सुविधा मिले।

ईज ऑफ लिविंग
श्री सिंह ने कहा कि स्मार्ट सिटी का मुख्य उद्देश्य ईज ऑफ लिविंग है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी में पूरे शहर के विकास के साथ ही एरिया बेस्ड डेव्हलपमेंट पर भी जोर दिया गया है। श्री सिंह ने कहा कि भोपाल के आसपास नये उद्योग खोलने की जरूरत है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ें। उन्होंने युवा स्वाभिमान योजना के बारे में भी बताया। श्री सिंह ने कहा कि युवाओं के जोश और बुजुर्गों के मार्गदर्शन में ‘सपनों का भोपाल’ बनायेंगे।

भोपाल को नये मास्टर-प्लॉन की जरूरत
जनसम्पर्क, विधि-विधायी कार्य, धर्मस्व और विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने कहा कि भोपाल को नये मास्टर-प्लॉन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भोपाल शहर तीव्र गति से बढ़ रहा है। सरकार का प्रमुख लक्ष्य विकास है। स्मार्ट सिटी की अवधारणा के मद्देनजर शहर के प्राकृतिक सौंदर्य को दृष्टिगत रखते हुए नया मास्टर-प्लॉन बनना आवश्यक हो गया है। श्री शर्मा ने कहा कि स्मार्ट सिटी के लिये लोगों को विस्थापित करने के पूर्व सभी के रोजगार और उनके बच्चों की शिक्षा के लिये समुचित प्रबंधन किया जाना अत्यावश्यक है। उन्होंने कहा कि संगोष्ठी में इस बात पर भी विचार होना चाहिये कि कैसे यातायात को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सके। ऐसा ट्रेफिक प्लॉन बनायें, जिससे किसी को भी आवागमन में परेशानी नहीं हो। यहाँ अधिक से अधिक फ्लाय-ओवर बनाये जाने से शहरवासियों के लिये आवागमन सुगम हो सकेगा।

संगोष्ठी को महानिदेशक अखिल भारतीय स्थानीय स्वशासन संस्थान श्री राजीव अग्रवाल, वरिष्ठ पत्रकार श्री अभिलाष खाण्डेकर, श्री अशोक वानखेड़े, श्री एन.बी. लोहनी सहित अन्य वक्ताओं ने भी सम्बोधित किया।

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