PM मोदी पर भी छाया ‘उरी’ का जादू
मुंबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मुंबई में भारतीय सिनेमा के राष्ट्रीय संग्रहालय के उद्घाटन के मौके पर मौजूद फिल्मी हस्तियों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि फिल्में और समाज एक दूसरे का प्रतिबिंब हैं और सिनेमा की तरह भारत भी वक्त के साथ बदल रहा है. इस दौरान पीएम ने अपने भाषण में ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ फिल्म का डायलॉग भी बोला. उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों से पूछा- हाऊ इज द जोश? तुरंत जवाब में कलाकारों ने कहा- हाई सर. हालिया रिलीज फिल्म में यह नारा सेना के जवानों में जोश भरने के लिए इस्तेमाल किया गया है.

प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर कहा, बीते दो दशक से फिल्म संग्रहालय के लिए चर्चा चल रही थी, आज इसके लोकार्पण के साथ हमारे सिनेमा के सुनहरे अतीत को एक जगह सहेजने का सपना पूरा हुआ है. नेशनल फिल्म म्यूजियम में मनोरंजन जगत के गौरवशाली इतिहास के बारे में विस्तार से जानकारी मिलेगी. इससे हमारी युवा पीढ़ी को काफी कुछ सीखने को मिलेगा.

उन्होंने आगे कहा कि वास्तव में फिल्म और समाज- दोनों एक दूसरे के रिफ्लेक्शन्स होते हैं. समाज में क्या हो रहा है वो फिल्मों में देखने को मिलता है और जो फिल्मों में हो रहा है, वो समाज में भी आपको दिखता है.

मोदी ने कहा, ”हमने भारत की गरीबी पर तो बहुत फिल्में देखी है, भारत की बेबसी पर भी फिल्में देखी हैं. मेरा मानना है कि ये एक बदलते समाज की निशानी है कि अब प्रॉब्लम्स के साथ-साथ सॉल्यूशंस पर भी फिल्में देखने को मिलती हैं. साफ है, आज समाज के साथ फिल्मों में भी ये बदलाव दिख रहा है.”

पीएम मोदी बोले, ”देश में कई सारे पर्यटन स्थल फिल्मों की वजह से जाने जाते हैं, पर्यटन को बढ़ाने में बहुत बड़ा रोल फिल्म इंडस्ट्री निभा सकती है.” दावोस में हुए विश्व आर्थिक मंच सम्मेलन की तरह भारत में वैश्विक फिल्म सम्मेलन आयोजित किया जा सकता है. उन्होंने कहा, “पर्यटन को बढ़ावा देने में भी फिल्मों का अहम योगदान होता है, जिससे गरीबों को भी रोजगार मिलता है यहां तक की ‘चायवाला’ भी पर्यटन बढ़ने पर कमाई करता है.”

उन्होंने कहा, “देश बदल रहा है और अपने समाधान तलाश रहा है. अगर यहां करोड़ों समस्याएं हैं तो एक अरब समाधान भी हैं. देश के अलग-अलग हिस्सों में फिल्म निर्माण से जुड़ी मंजूरी के लिए एक सिंगल विंडो क्लियरेंस की नयी व्यवस्था शुरू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है.”

मोदी ने कहा भारत की सांस्कृतिक शक्ति (सॉफ्ट पावर) में फिल्मों की महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने बताया कि कैसे विदेशी नेताओं के साथ अपनी बातचीत में भारतीय फिल्मों और उनकी लोकप्रियता देखकर वह चकित रह गए. उन्होंने फिल्म उद्योग को आश्वासन दिया कि पायरेसी और छिपे कैमरे से रिकॉर्डिंग रोकने के लिये प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं.

पीएम ने कहा, “जल्द ही फिल्म की शूटिंग और उससे जुड़ी मंजूरियों के लिये एकल खिड़की (सिंगल विंडो) व्यवस्था तैयार की जा रही है.”

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