मध्यप्रदेश विधानसभा सत्र अनुपूरक मांगें पारित होते ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र अपने नियत समय से एक दिन पहले समाप्त हो गया। गुरूवार 10 जनवरी 2019 को सदन जैसे ही समवेत हुआ स्पीकर के पीठासीन होते ही पीसी शर्मा विधि और विधायी कार्य मंत्री ने अध्यादेश पटल पर रखा। इसके बाद सदन के वरिष्ठ सदस्य और राज्य के निवर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संसद में आर्थिक आधार पर आरक्षण संबंधी विधेयक पारित होने पर बधाई दी।

इसके बाद सदन में अनेक मंत्रियों ने अपने अपने विभागों से संबंधित पत्रों को पटल पर रखा। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक का प्रतिवेदन भी पटल पर रखा गया। इसके बाद राज्यपाल की अनुमति से प्राप्त विधेयकों की सूचना पढ़ी गई। बाद में उपाध्यक्ष का निर्वाचन हुआ। सदन की कार्यवाही कई बार शोरगुल और हंगामें के कारण कुछ समय के लिये स्थगित करना पडी। जब मुख्य विपक्षी दल भाजपा के सदस्य गर्भगृह से बाहर नही निकले और लगातार आसदी के व्यवहार को लेकर टिप्पणी करते रहे तो स्पीकर एनपी प्रजापति ने हंगामें और शोरगुल के बीच सदन के अन्य कार्य संपादित कराये। मंत्री बृजेन्द्र सिंह राठौर ने वाणिज्यकर से संबंधित विधेयक प्रस्तुत किया। इसके बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर सुश्री हिना कंवरे ने प्रस्ताव पर चर्चा प्रारंभ की। मुख्य विपक्षी दल के सदस्य लगातार गर्भगृह में खडे रहकर नारे बाजी करते रहे और हिना कंवरे का भाषण चलता रहा।

जब भाजपा सदस्य गर्भगृह से हटकर अपने अपने स्थानों तक नहीं पहुंचे तो स्पीकर ने समस्त शासकीय कार्य और वर्ष 2018—19 की द्वितीय अनुपूरक मांगे 22 हजार 267 करोड़ 29 लाख पांच हजार 6 सौ रूपये की अनुपूरक मांगे ध्वनि मत से पारित हुई। इसके बाद वित्तमंत्री तरूण भनौत ने मध्यप्रदेश विनियोग विधेयक 2019 प्रस्तुत किया। यह विधेयक जैसे ही पारित हुआ संसदीय कार्य मंत्री डॉ गोविंद सिंह ने संसदीय नियमों का हवाला देते हुए स्पीकर से आग्रह किया कि चूंकि विधानसभा के समस्त कार्य संपन्न हो गये है, इसलिए विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित की जाए। स्पीकर एनपी प्रजापति ने राष्‍ट्रगान “जन-गण-मन” के बाद 12.59 बजे गुरूवार 10 जनवरी 2019 को सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्‍थगित की।

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