देश के भविष्य का स्वास्थ्य,मां के स्वास्थ्य पर निर्भर : प्रधानमंत्री
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि मां के स्वास्थ्य से ही देश के भविष्य का स्वास्थ्य तय होता है इसलिए महिलाओं विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिये जाने की जरूरत है।

श्री मोदी ने आज यहां मातृत्व, नवजात एवं बाल स्वास्थ्य सहभागिता मंच यानी (पीएमएनसीएच पार्टनर फोरम) में अपने संबोधन में कहा,“ मां के स्वास्थ्य से बच्चों का स्वास्थ्य तय होता है और बच्चों के स्वास्थ्य से आने वाले कल का स्वास्थ्य तय होता है।” इसके लिए सहभागिता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल सहभागिता से ही लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है , नागरिकों , समुदायों और देशों के बीच सहभागिता। सतत विकास के एजेन्डे में इसकी झलक दिखाई देती है।

उन्होंने कहा कि कई देश अब इस दिशा में काम कर रहे हैं और वे सभी समुदायों को शक्ति सम्पन्न बनाने, स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार करने, निर्धनता समाप्त करने, आर्थिक विकास में तेजी लाने और किसी को भी पीछे न रहने देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस ‘पार्टनर फोरम’ का विजन भारत के ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ संबंधी प्राचीन विचार से मेल खाता है और सरकार के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के दर्शन के भी अनुरूप है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मातृत्व, नवजात और बाल विकास के लिए सहभागिता एक अनोखा और प्रभावशाली मंच है। पूरी दुनिया में तेज विकास के नए-नए तरीके तलाश रही है और इसका एक तरीका महिलाओं के लिए अच्छा स्वास्थ्य सुनिश्चित करना है। देश में इस दिशा में काफी प्रगति हुई है लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।

उन्होंने कहा , “ भारत की दास्तान उम्मीदों वाली है। उम्मीद है कि अड़चनें दूर होंगी। उम्मीद है कि व्यवहारों में बदलाव लाया जा सकेगा। उम्मीद है कि तेज प्रगति प्राप्त की जा सकती है।” उन्होंने कहा , “मेरा दृढ़ विश्वास है कि राष्ट्र तभी समृद्ध होता है, जब वहां के लोग विशेषकर महिलाएं और बच्चे शिक्षित हों तथा वे स्वतंत्र, शक्ति सम्पन्न और स्वस्थ्य जीवन जीने में सक्षम हों।”

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