2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी सुषमा स्वराज, खराब सेहत का दिया हवाला
इंदौर: केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी. सुषमा ने इंदौर में पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि वह अगला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी. उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य कारणों की वजह से वह यह फैसला ले रही हैं. सुषमा स्वराज मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रचार करने पहुंची थीं. सुषमा स्वराज इस वक्त 66 साल की हैं और वह फिलहाल मध्य प्रदेश के विदिशा से सांसद हैं. मूलरूप से हरियाणा के अंबाला कैंट की रहने वाली सुषमा स्वराज वकालत के पेशे से राजनीति में आई हैं. उनके पिता आरएसएस के प्रमुख सदस्य थे. सुषमा अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में सूचना प्रसारण मंत्री रह चुकी हैं.

कुशल वक्ता के रूप में पहचान रखने वाली सुषमा दिल्ली की मुख्यमंत्री भी रह चुकी हैं. वह कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के खिलाफ वेल्लारी से चुनाव लड़ चुकी हैं, हालांकि यहां उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था. संसद में दिए इनके भाषणों की हमेशा चर्चा होती है. सुषमा सभ्य शब्दों में विरोधियों पर तीखे हमले करती हैं. मौजूदा मोदी सरकार में भी सुषमा विदेश मंत्रालय जैसा अहम पद संभाल रही हैं.

इंदौर में सुषमा ने पत्रकारों के सामने कांग्रेस के घोषणा पत्र पर जमकर बोला हमला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने घोषणा पत्र में किसान कर्ज माफी, स्वंय सहायता समूह संदस्यों की कर्जमाफी भ्रामक वादे हैं. जनता इसमें नहीं फसेंगी. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता के सामने कांग्रेस की भ्रामक राजनीति नहीं टिकने वाली है.उन्होंने कहा, ‘हमने देखा जनआर्शीवाद यात्रा में जनता शिवराज के लिए घंटों खड़ी रही. सुषमा ने शिवराज सरकार के संबल योजना, लाडली लक्ष्मी योजना की तारीफ की. मुख्यमन्त्री सड़क योजना हमने जनता से किये वादे पूरे किए हैं. जनता ऐसी पार्टी को क्यों चुने, जिनके कार्यकाल में जनता बुनियादी सुविधा के मोहताज रही. हमने प्रवासी भारतीयों को सुरक्षा देने का काम किया. हमने परेशानी में फसे 2 लाख लोगों को देश लाने का काम किया है.

लालकृष्ण आडवाणी के सक्रिय राजनीति में नहीं होने के सवाल पर सुषमा ने कहा कि अधिक उम्र की वजह से वह चुनाव प्रचारों से दूर हैं. सुषमा ने कहा कि टिकट वितरण में उनसे भी सलाह मशविरा लिया जाता है.

पाकिस्तान से भारत लाई गई युवती गीता के सवाल पर सुषमा स्वराज ने कहा कि उसके मां-पिता की तलाश की जा रही है. उन्होंने कहा कि वह गीता की शादी की कोशिश में भी जुटी हैं. उन्होंने कहा कि गीता अब कभी भी पाकिस्तान नहीं भेजी जाएगी. उसके मां-पिता की तलाश में बिहार समेत कई राज्यों में पोस्टर लगाए गए हैं. आठ परिवारों के डीएनए की जांच किए गए, लेकिन इनमें से किसी का भी गीता से मैच नहीं नहीं हो पा रहा है.

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