अफ्रीका के समर्थन के लिए भारत की प्रतिबद्धता को अफ्रीकी नेतृत्‍व स्‍पष्‍ट रूप से स्‍वीकार करता है: उपराष्‍ट्रपति
नई दिल्ली: अफ्रीका के साथ भारत के घनिष्‍ठ संबंधों के मद्देनजर उपराष्‍ट्रपति श्री एम.वेंकैया नायडू का तीन अफ्रीकी देशों का दौरा सफलतापूर्वक पूरा हो गया। उन्‍होंने इस दौरान बोत्‍सवाना, जिम्‍बाब्‍वे और मलावी की सप्‍ताहभर की यात्रा की। उन्‍होंने बोत्‍सवाना के राष्‍ट्रपति श्री मोकगवीत्‍सी, जिम्‍बाब्‍वे के राष्‍ट्रपति श्री एमर्सन एमनानगागवा, मलावी के राष्‍ट्रपति श्री पीटर मुथारिका और अन्‍य नेताओें के साथ बातचीत की, जो अफ्रीका के साथ संबंध बढ़ाने की दिशा में प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के 10 मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुरूप है।

अपनी यात्रा के दौरान उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि भारत विकास प्रक्रिया के संबंध में अफ्रीका के समर्थन के लिए प्रतिबद्ध है और भारत अफ्रीकी देशों के साथ अपने राजनयिक और द्विपक्षीय संबंध तथा लोगों के बीच आदान-प्रदान को बहुत महत्‍व देता है। उन्‍होंने कहा कि अफ्रीका के समर्थन के लिए भारत की प्रतिबद्धता को अफ्रीकी नेतृत्‍व स्‍पष्‍ट रूप से स्‍वीकार करता है।

तीनों देशों में उपराष्‍ट्रप‍ति ने वहां रहने वाले भारतीय मूल के व्‍यापारियों तथा स्‍थानीय लोगों के साथ बातचीत की। उन्‍होंने प्रतिष्ठित वार्षिक ग्‍लोबल एक्‍सो-2018 का उद्घाटन भी किया, जिसमें भारत की 28 कंपनियां हिस्‍सा ले रही हैं।

उपराष्‍ट्रपति ने मलावी में महात्‍मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्‍य में ‘मानवता के लिए भारत’ का उद्घाटन किया। भारत विश्‍व के सभी हिस्‍सों में प्रसिद्ध ‘जयपुर फुट’ के शिविरों का आयोजन कर रहा है, ताकि जरूरतमंदों की सहायता हो सके। भारत भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के साथ मिलकर ‘मानवता के लिए भारत’ जैसी पहल कर रहा है।

श्री नायडू ने इस श्रृंखला में मलावी में सबसे पहला ‘जयपुर फुट कैम्‍प’ की शुरूआत भी की। उल्‍लेखनीय है कि अफ्रीका में महात्‍मा गांधी ने दो दशक से अधिक का समय बिताया था और वहां अहिंसा आंदोलन शुरू किया था, जिसने आगे चलकर भारत को आजादी दिलाई थी। गांधी जी से प्रेरित होकर अफ्रीका के नेताओं ने भी उनके द्वारा बताए मार्ग पर चल कर अपने-अपने देशों को स्‍वतंत्रता दिलाई।

उपराष्‍ट्रपति के साथ एक उच्‍चस्‍तरीय प्रतिनिधिमंडल भी गया था, जिसमें सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता राज्‍य मंत्री श्री कृष्‍णपाल गुर्जर, दो सांसद श्री के.सुरेश और श्री वी.मुरलीधरन तथा अन्‍य आला अधिकारी शामिल थे।

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