मध्यप्रदेश में फिल्म इंडस्ट्री की हड़ताल बेनतीजा खत्म, 400 सिनेमाघरों में लौटेगी रौनक
इंदौर: मध्यप्रदेश में स्थानीय निकायों द्वारा सिनेमा टिकटों पर एंटरटेनमेंट टैक्स लगाने के खिलाफ करीब 400 छोटे-बड़े सिनेमाघरों में पिछले 26 दिन से जारी हड़ताल बुधवार शाम बेनतीजा समाप्त हो गयी. इससे त्यौहारी मौसम के दौरान सूबे के सिनेमाघरों में नयी फिल्मों के प्रदर्शन का रास्ता साफ हो गया है.

फिल्म प्रदर्शकों और वितरकों के संगठन सेंट्रल सिने सर्किट एसोसिएशन के अध्यक्ष जयप्रकाश चौकसे ने को बताया, “हमें संदेश मिला है कि हड़ताल वापस ले ली गयी है. फिल्म निर्माताओं और मल्टीप्लेक्स संचालकों के संगठन इस हड़ताल की अगुवाई कर रहे थे.”

उन्होंने बताया कि स्थानीय निकायों द्वारा सिनेमा टिकटों पर एंटरटेनमेंट टैक्स लगाने के फैसले की समीक्षा के लिये प्रदेश सरकार से अनुरोध किया गया है. लेकिन फिलहाल प्रदेश में विधानसभा चुनावों की आदर्श आचार संहिता लागू है. इसलिये सिनेमा उद्योग की मांगों पर राज्य सरकार अभी कोई आधिकारिक फैसला नहीं कर पा रही है.चौकसे ने कहा, “फिल्म इंडस्ट्री के नुमाइंदों की प्रदेश सरकार के आला अफसरों से चर्चा हुई है. इसके मद्देनजर हमें उम्मीद है कि विधानसभा चुनावों बाद नयी सरकार सिनेमा टिकटों पर मनोरंजन कर लगाने के मामले में फिल्म इंडस्ट्री और आम दर्शकों के हित में उचित फैसला लेगी.”

सिनेमा उद्योग के अग्रणी संगठन फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र जैन ने बताया, “सिनेमा टिकटों पर 28 प्रतिशत माल एवं सेवा कर (जीएसटी) पहले ही लग रहा है. अब राज्य के शहरी स्थानीय निकायों ने अलग-अलग श्रेणियों के हरेक टिकट पर पांच से 15 प्रतिशत तक की दर से एंटरटेनमेंट टैक्स भी लगा दिया है.” उन्होंने बताया कि इस दोहरे टैक्स के विरोध में राज्य के सिनेमाघरों में पांच अक्टूबर से नई फिल्मों का प्रदर्शन बंद था.

इस हड़ताल के खत्म होने पर अब बॉलीवुड की अपकमिंग फिल्म ‘जैक एंड दिल’, ‘राष्ट्रपुत्र’, ‘लुप्त’, ‘इक्कीस तारीख’, ‘लीरा’, ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’, ‘2.0’, ‘मोहल्ला अस्सी’ समेत ‘केदारनाथ’ जैसी फिल्मों के रिलीज का रास्ता साफ हो जाएगा.

कोई जवाब दें