महाराष्‍ट्र तट को पर्यटन के जीवंत मनोरंजन स्‍थल के रूप में विकसित किया जाए : सुरेश प्रभु
नई दिल्ली। केन्‍द्रीय वाणिज्‍य और उद्योग तथा नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने पर्यटन राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री के. जे. अल्‍फोंस और महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री श्री देवेन्‍द्र फडनवीस को पत्र लिखकर महाराष्‍ट्र तट को पर्यटन के जीवंत मनोरंजन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग की है। उन्‍होने कहा कि समुद्र में आनंद लेने और क्रूज शिप यात्रा उद्योग में तेजी से आगे बढ़ रहा है। 7500 कि.मी. समुद्री रेखा के साथ इस क्षेत्र के विकास की काफी संभावना है।

वाणिज्‍य मंत्री ने कहा कि मंत्रालय को महाराष्‍ट्र के तट पर समुद्री पर्यटन को प्रोत्‍साहित करने के लिए एक विस्‍तृत योजना बनाने के उद्देश्‍य से सर्विसेस एक्‍सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (एसईपीसी) और इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ स्‍कूबा इाइविंग एंड एक्‍वेटिक स्‍पोर्ट्स (आईआईएसडीए) मालवान, सिंधुदुर्ग से एक प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुआ है। प्रस्‍ताव में आंगरिया तट पर स्‍कूबा इाइविंग और घरेलू क्रूज पर्यटन, पानी के नीचे अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर के पर्यटन, सिंधुदुर्ग में समुदी पर्यटन के विकास, सिंधुदुर्ग में भारत के सबसे बड़े मछली घर की स्‍थापना शामिल है ताकि समुद्री जैव विविधता के बारे में लोगों में जागरुकता पैदा की जा सकें और आईआईएसडीए को जल जंतुओं के पर्यटन क्षेत्र में नवोन्‍मेष और कौशल विकास के मान्‍यता प्राप्‍त संस्‍थान के रूप में मजबूत किया जा सके।

वाणिज्‍य मंत्री ने श्री अल्‍फोंस और महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री से इस प्रस्‍ताव पर जल्‍द विचार करने का आग्रह किया है।

फरवरी, 2018 में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने 12 चैंपियन सेवा क्षेत्रों पर विशेष ध्‍यान देने का फैसला किया था और 5,000 करोड़ रूपये के कोष की मदद से पहचाने गए प्रमुख मंत्रालयों और विभागों को आदेश दिया था कि वे क्षेत्रीय कार्ययोजनाओं को अमल में लाएं।

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