नई दिल्ली । स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज नई दिल्ली में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित “महिला स्वास्थ्य चुनौतियां, सुगमता और रोकथाम” पर गोष्ठी का उद्घाटन किया। समारोह में श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने कहा कि महिलाएं हर जीवंत समाज का मजबूत स्तंभ हैं तथा देश का सतत् विकास तभी प्राप्त किया जा सकता है जब महिलाओं और बच्चों की पूरी देखभाल की जाए। उन्होंने इस अवसर पर भारत में स्तन कैंसर परिदृश्य पर एक रिपोर्ट भी जारी की। समारोह में नीति आयोग के सदस्य डॉ. विनोद पॉल और स्वास्थ्य सचिव श्रीमती प्रीती सूदन भी उपस्थित थीं।

इस अवसर पर श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने कहा कि भारत में महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुत प्रगति की है। उन्होंने कहा कि मातृ मृत्यु अनुपात (एमएमआर) एक ऐसा संकेतक है, जिससे इस प्रगति का आभास होता है। पिछले कुछ वर्षों में भारत के एमएमआर में बहुत तेजी से कमी आई है और वह 2014-16 में प्रतिलाख 130 हो गया है। इसका अर्थ यह है कि हम प्रत्येक दिन 30 से अधिक माताओं के जीवन को बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत ‘सतत-सुविधा’ के विचार को अपना रहे हैं, ताकि महिलाओं के लिए उनके पूरे प्रजनन जीवन-चक्र के दौरान उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा संभव बना सकें। उन्होंने बताया कि इन पहलों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में प्रसूति पर होने वाले खर्च में भी कमी आई है।

बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के संबंध में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओँ की गुणवत्ता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2017 में‘लक्ष्य-प्रसूति कक्ष गुणवत्ता सुधार पहल’ को शुरू किया है। लक्ष्य कार्यक्रम के तहत प्रसूति कक्षों और ऑपरेशन थियेटर संबंधी समस्त प्रक्रियाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष्यमान भारत की शुरूआत होने से भी महिला स्वास्थ्य की समस्याओं को हल करने की पहल हो गई है।

नीति आयोग के सदस्य डॉ. विनोद पॉल ने कहा कि एमएमआर में कटौती लाने के प्रयासों को बढ़ाना होगा और आयुष्यमान भारत जैसी पहल इस दिशा में बहुत सहायक होगी।

स्वास्थ्य सचिव सुश्री प्रीती सूदन ने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी पहलों के साथ ‘सतत-सुविधा’ ने महिला स्वास्थ्य के महत्व को बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम और जननी सुरक्षा योजना इस दिशा में महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आयुष्यमान भारत के तहत समग्र प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके तहत कई रोगों का निदान और उपचार संभव हो गया है। महिलाओं को भी स्तन कैंसर, बच्चेदानी के मुख का कैंसर और मुंह के कैंसर जैसे रोगों की पहचान और निदान की सुविधा प्रदान की जा रही है।

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