वाणिज्‍य और उद्योग राज्‍य मंत्री ने नाइजीरिया में भारत-पश्‍चिम अफ्रीका सम्‍मेलन में भाग लिया
नई दिल्ली। केन्‍द्रीय वाणिज्य और उद्योग तथा उपभोक्ता और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्‍य मंत्री सी आर चौधरी भारत-पश्चिम अफ्रीका परियोजना भागीदारी पर नाइजीरिया के अजूबा में 8 – 9 अक्टूबर 2018 को आयोजित भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई)-एक्जिम बैंक के क्षेत्रीय सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। नाइजीरिया के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के साथ पश्चिमी अफ्रीकी देशों के मंत्री और प्रतिनिधिमंडल भी इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।

सम्‍मेलन के अवसर पर श्री चौधरी ने केप वर्डे, नाइजर तथा अन्‍य पश्‍चिमी देशों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। उन्‍होंने केप वर्डे के वाणिज्‍य मंत्री के साथ जलवायु परिवर्तन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यटन, आधारभूत संरचना विकास और मानव संसाधन क्षमता विकास जैसे विषयों पर चर्चा की। यह वे क्ष्‍ोत्र हैं जहां भारत और केप वर्डे के बीच साझा सहयोग की प्रचुर संभावनाएं हैं। नाइजीरिया ने नियामी में 35.5 मिलियन अमरीकी डॉलर से बनाए जा रहे महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय सम्‍मेलन केन्‍द्र के निमार्ण में सहयोग के लिए भारत की सराहना की है। सम्‍मेलन केन्‍द्र की आधारशिला हाल ही में रखी गयी है।

भारत से नाइजीरिया को होने वाले निर्यात में वर्ष 2014-15 से अबतक 50 प्रतिशत से ज्‍यादा की वृद्धि हुयी है। दोनों देशों के बीच विभिन्‍न क्षेत्रों में परस्‍पर व्‍यापार बढ़ाने की प्रचुर संभावनाएं मौजूद हैं। श्री चौधरी ने सम्‍मेलन के अवसर पर नाइजीरिया के वाणिज्‍य राज्‍य मंत्री सादोउ सीदोउ के साथ व्‍यापारिक सहयोग बढ़ाने के अलावा निजि क्षेत्र को प्रोत्साहित करने पर भी द्विपक्षीय चर्चा की ।

वर्ष 2009 से भारत और नाइजीरिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। भारत ने परिवहन, विद्युतीकरण, सौर ऊर्जा और पेयजल से जुड़ी परियोजनाओं के लिए नाइजीरिया को 96.54 मिलियन अमरीकी डालर का कर्ज दिया है। इसके साथ ही एमजीआईसीसी के निर्माण के लिए दी गयी राशि दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने में आगे और योगदान देगी। नाइजीरिया इस सम्‍मेलन केन्‍द्र में 2019 में अफ्रीकी संघ (एयू) का शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा। केंद्र की स्थापना नाइजर-भारत मित्रता के साथ ही अफ्रीका के विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है। भारत ने अफ्रीका के 20 से ज्‍यादा देशों में ऐसा केन्‍द्र खोलने का प्रस्‍ताव किया है इनमें से नौ केन्‍द्र जल्‍दी ही खुलने वाले हैं।

पिछले एक दशक में अफ्रीकी देशों ने अपने यहां आर्थिक उदारीकरण और औद्योगिकरण को बढ़ावा दिया है। ऐसे में इन देशों में वि‍त्तीय सेवाओं, ऊर्जा और बिजली ,खनन, विनिमार्ण, उपभोक्‍ता और खुदरा क्षेत्र, परिवहन, स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं और कृषि प्रसंस्‍करण के क्षेत्र में निवेश की प्रचुर संभावनाएं मौजूद हैं।

सम्‍मेलन में कारोबारियों और सरकार तथा कारोबारियों के साथ कारोबारियों के बीच व्‍यापारिक सहयोग की वार्ताओं पर विशेष रूप से जोर दिया गया है। यह भारत के निजी क्षेत्र और भारत आयात निर्यात बैंक जैसे प्रमुख संस्थानों के लिए क्षेत्रीय विकास की दीर्घकालिक प्रतिबद्धताओं के साथ अफ्रीकी देशों में निवेश और साझेदारी के प्राथमिकता वाली परियोजनाओं की पहचान का अवसर है।

पश्चिमी अफ्रीकी देश भविष्‍य में निवेश के नए क्षेत्र के रूप में उभर रहे हैं। इसमें घाना, आइवरी कोस्‍ट , सेनेगल और बेनिन की अर्थव्‍यवस्‍थाओं में लगातार आ रही मजबूती बड़ी भूमिका निभा रही है। प्रचुर क्षमताओं के बावजूद अफ्रीकी देशों में विदेशी निवेश महज पांच प्रतिशत है। ऐसे में इस क्षेत्र की आर्थिक तरक्‍की के लिए यहां सतत विदेशी निवेश को प्रोत्‍साहित करना जरूरी है।

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