अनंत समरसता वाले भारतीय दृष्टिकोण से दुनिया को अवगत कराएं : उप-राष्‍ट्रपति
नई दिल्‍ली : उप-राष्‍ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू ने अमेरिका में बसे भारतीय समुदाय से अनंत समरसता वाले भारतीय दृष्टिकोण से दुनिया को अवगत कराने तथा विश्‍व के बेहतरीन विचारों और परिपाटियों को भारत लाने का आह्वान किया है। श्री नायडू आज अमेरिका के शिकागो में ऐतिहासिक आर्ट इंस्‍टीट्यूट में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित कर रहे थे। यह वही स्‍थान है जहां 1893 में स्‍वामी विवेकानंद ने पहली बार भाषण दिया था।

श्री नायडू ने कहा कि विदेशों में बसे भारतीय अपने देश के सांस्‍कृतिक और आध्‍यात्मिक दूत हैं। भारत और अमेरिका के मैत्री संबंध व्‍यक्तिगत आजादी, स्‍वतंत्रता, लोकतंत्र, बहुलबाद, विधि के शासन और न्‍याय के हमारे साझा मूल्‍यों पर आधारित है।

उन्‍होंने कहा कि अमेरिका में बसे भारतीय दुनिया के किसी भी हिस्‍से में बसे भारतीय लोगों से ज्यादा मजबूत और जीवंत हैं। उन्‍होंने कहा, ‘चिकित्‍सा, प्रौद्योगिकी, कारोबार और शिक्षा सहित विभिन्‍न क्षेत्रों में आप लोगों की उत्‍कृष्‍टता देश के लिए गौरव की बात है।’

उप-राष्‍ट्रपति ने कहा उन्‍होंने कहा कि भारत के साथ लगातार संपर्क तथा बेहतरीन परिपाटियों, विशेषज्ञताओं और सुझावों को साझा करने की प्रक्रिया हमारे युवाओं को ज्‍यादा कुशल बनाएगी जो अतंत: समग्र विकास में अहम योगदान साबित होगा।

श्री नायडू ने कहा कि भारत बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। बदलाव की यह प्रक्रिया अभूतपूर्व गति से चल रही है। उन्‍होंने कहा कि समग्र विकास और सुशासन इसका सबसे अहम घटक है जो देश तथा अर्थव्‍यवस्‍था को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। उप-राष्‍ट्रपति ने लोगों से इस विकास यात्रा का हिस्‍सा बनने का आह्वान किया।

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