भारत के विकास में चेक गणराज्य बन सकता है अहम भागीदार : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
नई दिल्ली : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि चेक गणराज्य भारत की विकास गतिविधियों में महत्वपूर्ण भागीदार बन सकता है। चेक गणराज्य के पास आधुनिक प्रौद्योगिकी वाला मजबूत विनिर्माण आधार है। इस संदर्भ में राष्ट्रपति ने बाटा का उल्लेख किया जिसके साथ हर भारतीय बड़ा हुआ है। राष्ट्रपति ने यहां गुरूवार को भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की इस शहर और इस देश के साथ काफी रूचिकर यादें जुड़ी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आपमें से कई बाटा को जानते होंगे। यह फुटवियर ब्रांड है जिसके साथ हर भारतीय पला बढ़ा है।

इस ब्रांड को हम सभी जानते हैं और अपना ही समझते हैं, लेकिन इसकी जड़ें इस देश में हैं।’’ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, ‘‘चेक गणराज्य के महान सपूत थॉमस बाटा ने प्राग से नजदीक के ही शहर में बाटा जूता कंपनी की स्थापना की थी। उसके बाद इसी शहर से पूरी दुनिया में बाटा ब्रांड फैल गया। भारत में कोलकाता के नजदीक इसके नाम से बाटा नगर ही बस गया। भारत के हर गांव, हर शहर में आज बाटा जूता पहना जाता है।’’ प्राग शहर से जुड़े एक और संस्मरण को याद करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हमारे महान नेता नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने प्राग की यात्रा की और कुछ समय यहां बिताया।

अपनी मातृभूमि की आजादी के लिये उनहोंने यहां 1934 में इंडो-चेक एसोसियेसन प्राग की स्थापना की।’’ राष्ट्रपति ने कहा कि भारत चेक गणराज्य के साथ विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत बनाने के लिये तत्पर है। दोनों देशों के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी और निवेश के क्षेत्र में कारोबार बढ़ाने की काफी संभावनायें मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि चेक गणराज्य आधुनिक प्रौद्योगिकी के साथ मजबूत विनिर्माण आधार वाला देश है। ‘‘यह हमारे मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया और दूसरे राष्ट्रीय कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भागीदार बन सकता है।’’

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि प्राग में रविन्द्रनाथ टैगौर की अर्धप्रतिमा स्थापित किये जाने और ट्राम स्टेशन का नाम उनके नाम पर ‘‘ठाकुरोवा’’ रखा जाना गुरूदेव को सम्मान और श्रद्वांजलि है। राष्ट्रपति तीन यूरोपीय देशों की यात्रा के अंतिम चरण में गुरूवार को चेक गणराज्य पहुंचे।

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