आदिवासी संस्कृति को जीवित रखने के लिए हरसंभवन प्रयास किए जाऐंगे – मुख्यमंत्री श्री चौहान
भोपाल। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश की धरती पर हर वर्ष आदिवासी दिवस मनाया जाएगा। हमारी संस्कृति, परम्परा जीवन के अनमोल निधि है। कला, हिन्दी, भिली भाषा, संस्कृति को जीवित रखना है, हम आगे बढ़ेगे, परम्पराएं नही छोड़ेगे, पश्चिम देशों के प्रभाव में अपनी संस्कृति छोड़ी, अपनी संस्कृति को नही भूलना है। आदिवासी समाज अपनी संस्कृति नही छोड़ी। भारत आदिवासी दिवस को एक गर्व व आनंद मना रहा है।

इस आशय के उद्गार मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहॉं धार में स्थित राज भोज शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आदिवासी दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में व्यक्त किए। श्री चौहान ने कहा कि देश को आजादी दिलाने में आदिवासी समाज के नायकों, बिरसा मुण्डा, ट्टंया भील, भिमा नायक, खाज्या नायक, राणा पूंजा भील, शंकर शाह, रानी दुर्गावती जैसे महानायकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इन्होने स्वतंत्रता के लिए अग्रेजों का डटकर मुकाबला किया। इन्हीं की वजह से आज हम स्वतंत्र है। मैं ऐसे महापुरूषों को प्रणाम करता हूं। श्री चौहान ने कहा कि आदिवासियों का सम्मान कम नही होने दूंगा। आदिवासी नायकों की प्रतिमा स्थापित की जाऐंगी। श्री चौहान ने कहा कि हमारे रास्ते पर अनेक कठिनाईयॉं है, इन कठिनाईयों के समाधान के लिए हरसंभव कोशिश की जा रही है। समाज में जो गरीब है, उनका जीवन स्तर ऊचा उठाने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोई भी गरीब व्यक्ति बिना जमीन के नही रहेंगा। उन्हे मकान के लिए पट्टा दिया जावेगा। वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रदेश में 2 लाख 24 हजार हितग्राहियों को भू-अधिकार पत्र दिए गए है। आदिवासी समाज को युनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरा प्रयास किया जावेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 2022 तक सभी गरीब व्यक्तियों को पक्के मकान की सुविधा उपलब्ध कराई जावेगी। प्रदेश में हर घर में बिजली पहुंचाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान दिसम्बर अंत तक पूर्ण कर लिया जावेगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आगे कहा कि कक्षा 1 से 9 वीं तक की छात्र-छात्राओं को निःशुल्क शिक्षा दी जावेगी। आदिवासी समाज के छात्र-छात्राएं विशिष्ट पदों पर पहुंचे, इसके लिए शासन कोचिंग की सुविधा की व्यवस्था कर रही है। श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राएं आई.आई.टी., इंजीनियरिंग, पी.एम.टी. पी.ए.टी, के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे है। इन क्षेत्रों में प्रदेश में बच्चे आगे बढ़ रहे है। यह हमारे लिए खुशी की बात है और इस समाज के बच्चे भविष्य में भी इसी तरह उन्नति करे। श्री चौहान ने कहा कि अनुसूचित जनजाति के गरीब छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा में लगने वाली फीस शासन वहन करेगी। अब उनके माता-पिता को चिंता करने की आवश्यकता नही है।

श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में 136 विशिष्ट आवासीय विद्यालयों को केन्द्रीय नवोदय विद्यालय की तर्ज पर उन्नयन किया जावेगा। प्रदेश में आदिवासी क्षेत्रों में 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। वे उन्नत तकनीकी अपनाकर उत्पादन में वृद्धि करे और अपनी आय को लाभ का धंधा बनाने के लिए हरसंभव कोशिश करे। शासन द्वारा प्रयास किया जा रहा है कि उन्हे कृषि उपज का उचित मूल्य मिले। श्री चौहान ने कहा कि आदिवासी समाज प्रकृति की पूजा करता है। उन्होने कहा कि 500 की आबादी वाले गॉंवों में साफ पानी मिले, इसके लिए प्रयास किए जावेगे। आदिवासी क्षेत्र को बारहमासी सड़कों से जोड़ा जावेगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आदिवासी समाज के लिए धार जिला मुख्यालय, भोपाल में सामुदायिक भवन बनाने के लिए भूमि उपलब्ध कराए जाने की घोषणा की। श्री चौहान ने इस समारोह में भाग लेने वाले प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए हुए कलाकारों के दलों को 25-25 हजार रूपये सम्मान निधि से प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। श्री चौहान ने आदिवासी समाज के लोगों के छोटे-मोटे मामले के केस चल रहे है, उन्हें वापस लेने की घोषणा की। श्री चौहान ने कहा कि आदिवासी महिलाओं को प्रसूति सहायता योजना के अंतर्गत कुल 16 हजार रूपये उपलब्ध कराए जाऐगे। श्री चौहान ने कहा कि बिजली बिल 200 रूपये से अधिक आने पर शासन वहन करेगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गॉंवों को नशे से मुक्त कराना है, इसके लिए सभी लोगों को आना होगा। उन्होने कहा कि साहूकारों द्वारा आदिवासियों को गिरवी रखकर ऋण देते है, उस ऋण पर अधिक ब्याज लिया जाता है, इसे बंद किया जावेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समाज का मध्यप्रदेश को विकास के मामले में आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आने वाले समय में आरक्षित पदों की पूर्ति की कार्रवाई शीघ्र की जावेगी। आदिवासी समाज के लिए आबादी के हिसाब से बजट का प्रावधान किया जावेगा। उन्होने कहा कि हमारा उद्देश्य सरकार चलाना ही नही, बल्कि लोगों का जीवन स्तर में सुधार लाना है। उन्होने कहा कि शिक्षकों की भर्ती में 50 प्रतिशत तथा पुलिस की भर्ती में 33 प्रतिशत महिलाओं के लिए पद आरक्षित रखे जावेगे। उन्होने कहा कि गरीब तथा कमजोर व्यक्तियों के जीवन को बदलने के लिए पूरी कोशिश की जावेगी और आदिवासी समाज को आगे बढ़ाने के लिए 24 प्रतिशत राशि खर्च की जावेगी, ताकि इस समाज के लोग आगे बढ़ सके। इस समाज को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव कोशिश की जावेगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नर्सरी से 12 वीं तक के बच्चों को अग्रेजी पढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जावेगे। उन्होने कहा कि गांवों में खनिज, रेत, गिट्टी पर सम्पूर्ण अधिकार ग्राम सभा का होगा। जनजातिय अधिकार सभा बनाऐंगे, उसको बेचने तथा उसकी व्यवस्था करने का अधिकार देंगे, उससे जो राशि प्राप्त होगी, उससे गांव के विकास के काम होगे।

प्रभारी मंत्री श्री अन्तरसिंह आर्य ने कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वागत भाषण देते हुए कहा कि प्रदेश शासन ने आदिवासी दिवस मनाने के लिए आदिवासी बाहुल्य जिलों में अवकाश की घोषणा की है। उन्होने कहा कि आदिवासियों के जीवन स्तर को सुधारने तथा शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए हरसंभवन प्रयास किए जा रहे है। यह प्रयास आगे भी निरंतर जारी रहेगा। इस संबंध में जो सुझाव आऐगे, उन सुझावों पर मुख्यमंत्री आवश्यक रूप से विचार करेगे। कार्यक्रम में मनावर क्षेत्र की विधायक श्रीमती रंजना बघेल ने मांग पत्र प्रस्तुत किया। श्री महेन्द्र कन्नौज ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। इस समारोह में प्रदेश के विभिन्न आदिवासी जिलों से आए हुए सांस्कृतिक दलों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र के आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान तथा उनकी धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह सहित जनप्रतिनिधियों ने भी नृत्य दलों के साथ नृत्य भी किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने समारोह स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित प्रदर्षनी का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्यक्रम के प्रारंभ में आदिवासी जननायक ट्टंया भील तथा बिरसा मुण्डा की चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद कन्याओं का पूजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र तथा चेक वितरित किए। उन्होने इस अवसर पर आई.आई.टी. तथा नीट में चयन होने वाले छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन राशि तथा प्रशस्ति पत्र वितरित किए।

इस अवसर पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री विक्रम वर्मा, धार-महूॅ संसदीय क्षेत्र की सांसद श्रीमती सावित्री ठाकुर, विधायक धार श्रीमती नीना वर्मा, विधायक मनावर श्रीमती रंजना बघेल, विधायक बदनावर श्री भॅवरसिंह शेखावत, विधायक सरदारपुर श्री वेलसिंह भूरिया, विधायक धरमपुरी श्री कालुसिंह ठाकुर, अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती मालती-मोहन पटेल, जिला योजना समिति के सदस्य डा. राज बर्फा, नगरपालिका अध्यक्ष कुक्षी श्री मुकामसिंह किराडे, इन्दौर संभाग के आयुक्त श्री राघवेन्द्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस महा निदेशक श्री अजय शर्मा, कलेक्टर श्री दीपक सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री बीरेन्द्र कुमार सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री आर.के. चौधरी, अपर कलेक्टर श्री दिलीप कापसे, सहायक आयुक्त जनजातिय कार्य विभाग श्री ब्रजेश चन्द्र पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पत्रकार तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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