भारत और ब्रिटेन कानूनी प्रोफेशनलों के आदान-प्रदान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे
नई दिल्‍ली: विधि एवं न्याय और इलेक्ट्रॉनिक्स तथा आईटी मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ब्रिटेन के विधि मंत्री श्री डेविड गाउके के निमंत्रण पर 6-10 जुलाई, 2018 के दौरान ब्रिटेन के दौरे पर थे। दोनों मंत्रियों ने अपने-अपने देशों के वर्तमान कानूनी प्रावधानों के अनुसार पारस्पारिकता के आधार पर कानूनी प्रोफेशनलों या वकीलों के आदान-प्रदान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया। बाद में दोनों मंत्रियों ने कानूनी मामलों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जिसमें अन्य बातों के अलावा विशेषज्ञता के आदान-प्रदान एवं प्रशिक्षण के जरिए और अंतर्राष्ट्रीय महत्व के वर्तमान मसलों से जुड़ी सूचनाओं के आदान-प्रदान के जरिए दोनों देशों में न्यायिक एवं कानूनी प्रोफेशनलों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने की रूपरेखा का भी उल्लेख किया गया है। इस एमओयू में इस तरह के आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाने के लिए एक संयुक्त सलाहकार समिति के गठन का भी उल्लेख किया गया है।

श्री प्रसाद ने भारत में विभिन्न पहलों जैसे कि टेली-लॉ, ई-कोर्ट सेवाओं और अदालतों के डिजिटलीकरण के जरिए विशेषकर प्रौद्योगिकी की क्षमता का उपयोग कर ‘सभी के लिए न्याय तक पहुंच’ सुनिश्चित करने के क्षेत्र में भारत में हुई प्रगति के बारे में अपने समकक्ष को बताया। दोनों मंत्रियों ने मध्यस्थता, कानूनी प्रशिक्षण और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान सहित विभिन्न कानूनी मसलों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

इससे पहले श्री रविशंकर प्रसाद ने नैस्कॉम और उसके समकक्ष टेकयूके द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की गई प्रमुख भारतीय एवं ब्रिटिश आईटी कंपनियों की एक गोलमेज बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में अनेक भारतीय आईटी कंपनियों जैसे कि विप्रो, इन्फोसिस एवं टीसीएस और कई विदेशी कंपनियों जैसे कि डब्ल्यूएनएस, फर्स्ट सोर्स, बीबीसी, एनटीटी इत्यादि के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मंत्री ने भारत की डिजिटल गाथा में ब्रिटिश कंपनियों द्वारा दिखाई गई उल्लेखनीय दिलचस्पी की सराहना की।

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