विद्यार्थी लक्ष्य प्राप्ति के लिये निरंतर मेहनत करें और सफल हों – श्रीमती माया सिंह
भोपाल। विद्यार्थी अपनी रूचि के अनुसार लक्ष्य निर्धारित करें। अपनी क्षमताओं का आंकलन करें। किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति के लिये जब हम पूरी मेहनत व लगन से प्रयास करते हैं तभी सफलता प्राप्त करते हैं। इसलिए विद्यार्थी लक्ष्य प्राप्ति के लिये निरंतर प्रयास करते रहें और आगे बढ़ें। यह बात प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने महाविद्यालय में विद्यार्थियों से कही।

नगरीय विकास मंत्री श्रीमती माया सिंह बुधवार को ग्वालियर के शासकीय श्यामलाल पाण्डवीय महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को प्रेरित किया और वर्ष भर अकादमिक तथा अन्य गतिविधियों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार वितरित किए। उन्होंने महाविद्यालय में आधारभूत विकास के लिये विधायक निधि से 15 लाख रूपए देने की घोषणा भी की।

इस अवसर पर विधायक श्री भारत सिंह कुशवाह, अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डॉ. कौशल, जनभागीदारी सदस्य श्री राकेश शर्मा, महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती दीप आजाद, श्री अभिमन्यु सेंगर, श्री कमल माखीजानी, महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, छात्र संघ पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और उनके परिवारजन उपस्थित थे।

मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि श्यामलाल पाण्डवीय का स्वाधीनता आंदोलन में महत्वपूर्ण स्थान रहा। उनके नाम पर इस महाविद्यालय का नाम रखा गया है। वे युवाओं को प्रेरणा देने वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा विद्यार्थियों को न केवल डिग्री हासिल करना है, बल्कि शिक्षा के महत्व को समझना है। विद्यार्थियों को शिक्षित होकर परिवार, समाज व देश के विकास में योगदान देना है।

श्रीमती माया सिंह ने कहा विद्यार्थी शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करने के साथ-साथ खेलकूद व अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों में भी अच्छा स्थान प्राप्त करें। सभी विद्यार्थी अपनी अभिरूचि के अनुसार विषयों का चयन करते हुए निरंतर आगे बढ़ने के लिये प्रयास करें। उन्होंने कहा कि यदि हमें एक बार प्रयास करने पर सफलता नहीं मिलती, तो हमें रूकना नहीं है बल्कि और अधिक मेहनत करना है। उन्होंने कहा विद्यार्थी शोध के क्षेत्र में भी रूचि लें।

नगरीय विकास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपनाना चाहिए। विद्यार्थी उनकी पुस्तकें पढ़ें। उन्होंने यह भी कहा कि आदर्श विद्यार्थी के जीवन में शिक्षक की अहम भूमिका होती है। शिक्षक अपने ज्ञान से विद्यार्थियों को जीवन की राह दिखाते हैं। इसके साथ ही माता-पिता भी बच्चों की सफलता में विशेष स्थान रखते हैं। माता-पिता को बच्चों की रूचि में सहयोग देना चाहिए।

श्रीमती माया सिंह ने कहा कि गरीबी के कारण कोई भी होनहार बच्चा पिछड़ा न रहे। इसके लिये प्रदेश सरकार आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है। गरीब व कमजोर बच्चों को अच्छे शिक्षा संस्थानों तथा उच्च शिक्षा के लिये बड़े-बड़े कॉलेजों की फीस भी भर रही है। सरकार श्रमिकों के बच्चों की प्रथम से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई का खर्च वहन करेगी। इसलिए कोई भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी पीछे न रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधायक श्री भारत सिंह कुशवाह ने कहा खुशी का अवसर है कि महाविद्यालय में पढ़ने वाले ग्वालियर के दूरदराज के क्षेत्रों के विद्यार्थी शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा युवा देश का भविष्य हैं। इसलिए उन्हें देश के विकास में योगदान देने के लिये प्रयत्नशील रहना है। उन्होंने कहा छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक गतिविधियों के साथ अन्य गतिविधियों में अच्छा प्रदर्शन करना है।

वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती दीप आजाद ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और महाविद्यालय की उपलब्धियों के बारे में बताया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. श्री अशोक शर्मा ने किया। वार्षिक उत्सव व पुरस्कार वितरण समारोह में महाविद्यालय में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उच्च स्थान प्राप्त करने वाले कई छात्र-छात्राओं को पुरस्कार वितरित किए गए।

अंतरविश्वविद्यालयीन कबड्डी प्रतियोगिता में उच्च स्थान प्राप्त करने पर छात्र अरविंद शर्मा, अजीत सिंह, विक्रम सिंह, टेबल टेनिस में छात्र नवदर्शन सिंह, एथलेटिक्स में छात्र दिलीप सिंह तोमर को पुरस्कृत किया गया। इसके साथ ही अकादमिक में उच्च स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कार दिया गया और उन्हें अच्छे भविष्य के लिये शुभकामनायें दी गईं।

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