नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि सरकार एथिनोल की खरीद को आसान बनाना चाहती है। इसके लिए जरूरी है कि केंद्र और राज्‍य इस बारे में मिल कर एक नीति बनाए।

लखनऊ में पेट्रोलियम गैस तथा कौशल विकास को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में श्री प्रधान ने कहा कि सरकार किसानों से सीधे एथिनोल खरीदना चाहती है। उन्‍होंने कहा कि इसके लिए समन्‍वय के आधार पर बातचीत के जरिए रास्‍ता निकालना होगा। उन्‍होंने कहा कि दस प्रतिशत त‍क एथिनोल ब्‍लेंडिंग का प्रावधान है। आने वाले दिनों में एथिनोल इस्‍तेमाल को लेकर काफी संभावनाएं है और किसानों को इससे काफी फायदा होगा।

इसलिए वो किसानों से सस्‍ते दामों पर एथिनोल खरीद कर उसे इस्‍तेमाल में लाती है और बाजार में ऊंचे दामों पर बेचती है। इसलिए सरकार चाहती है कि इसे कच्‍चे तेल का दर्जा दिया जा सके। राज्‍य द्वारा उठाये गए मथुरा रिफाइनरी मुद्दे पर श्री प्रधान ने कहा कि मामला न्‍यायालय में विचाराधीन है इसलिए अगली तारीख का इंतजार करना बेहतर होगा। राज्‍य सरकार के अधिकारियों ने बताया कि इंडियन ऑयल द्वारा गोरखपुर में प्रस्‍तावित टू जी एथिनोल परियोजना के लिए पचास करोड़ एकड़ जमीन तलाश ली गई है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस पर जल्‍द ही कार्य शुरू कर दिया जाए। इसी तरह प्रदेश सरकार ने जैव खाद्य नीति बनाए जाने की सूचना दी और सीतापुर में बायोमास एनर्जी का मुद्दा उठाया। इंडियन ऑयल ने मिर्जापुर एक नए टर्मिनल के लिए जमीन मांगी थी। समीक्षा बैठक में मौजूद मुख्‍यमंत्री येागी आदित्‍य नाथ ने कहा कि एक सप्‍ताह में कार्य पूरा कर लिया जाए। मुख्‍यमंत्री ने इसी तरह देवरिया में इंडियन ऑयल के विस्‍तार के कार्य को एक महीने में पूरा करने के निर्देश दिए। गैस आपूर्ति की चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार इस बारे में देश भर में एक जैसी कीमत की नीति लाना चाहती है। उन्‍होंने बताया कि इस नीति के लागू हो जाने के बाद परिवहन जैसे क्षेत्रों को छोड़ कर सभी को एक ही जैसी कीमत पर गैस मिलेगी।

गौरतलब है कि उत्‍तर प्रदेश में एलपीजी गैस की आपूर्ति 1 अप्रैल, 2016 के 55.4 प्रतिशत के मुकाबले 1 अप्रैल, 2018 को बढकर 80.3 प्रतिशत हो गई। इसी तरह प्रदेश में प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना के तहत 78 लाख बीपीएल परिवारों को रसोई गैस कनेक्‍शन मिला। यह राष्‍ट्रीय औसत 81 प्रतिशत के करीब करीब बराबर है।

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