किंगदाओ । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे को लेकर एक बार फिर पाकिस्तान पर अप्रत्यक्ष रुप से हमला करते हुए कहा है कि भारत अपनी सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता मंजूर नहीं करेगा।

रविवार को चीन में आयोजित 18 वें शंघाई सहयोग संगठन(एससीओ) शिखर सम्मेलन में रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मौजूदगी में प्लेनरी सत्र को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने एक बार फिर आतंकवाद का मसला उठाया। उन्होंने आतंकवाद के लिए पाकिस्तान को अप्रत्यक्ष रुप से आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भारत सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता मंजूर नहीं करेगा।

श्री मोदी ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के शांति के मजबूत प्रयास करने की प्रशंसा करते हुए उम्मीद जताई कि सभी पक्ष उनके इन कदमों की सराहना करेंगे । उन्होंने “ आतंकवाद के प्रभावों का सबसे दुर्भाग्यपूर्ण उदाहरण अफगानिस्तान है। मुझे आशा है कि श्री गनी ने शांति के लिए जो पहल की हैं , उसका क्षेत्र के सभी देश सम्मान करेंगे।”

अफगानिस्तान में ईद के अवसर पर संघर्ष विराम की घोषणा का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि अफगानिस्तान के लिए संपर्क समूह बनाने में भारत महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा।

यही नहीं श्री मोदी ने इशारों-इशारों में चीन को भी नसीहत देते हुए आर्थिक विकास, संप्रभुता, एससीओ राष्ट्रों के बीच एकता और कनेक्टिविटी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत किसी भी ऐसी परियोजना का स्वागत करेगा जो सभी सदस्य देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करेगा। श्री मोदी ने यह बयान देकर चीन की ‘वन बेल्ट वन रोड’ पहल को निशाना बनाया। चीन इसके तहत पाक के कब्जे वाले कश्मीर में निर्माण कर रहा है।

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