बीजापुर : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केन्द्र की अपनी सरकार को गरीबों, दलितों, वंचितों एवं शोषितो की सरकार बताते हुए आज कहा कि 50 करोड़ गरीबों को स्वास्थ्य सुविधा वाली ‘आयुष्मान भारत’ योजना देश से सामाजिक असंतुलन को समाप्त करके सामाजिक न्याय कायम करने वाली योजना होगी।

श्री मोदी ने छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के ग्राम जांगला में इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के प्रथम चरण में एक स्वास्थ्य कल्याण केंद्र तथा कई अन्य विकास योजनाओं का शुभारंभ किया। बीजापुर देश के 115 पिछड़े जिलों में शामिल है जिन्हें विकास कार्यक्रमों को तेजी से क्रियान्वित करने के लिए चुना गया है।

कार्यक्रम में राज्य में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर, केन्द्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंद कुमार साय, मंत्री महेश गागड़ा, स्थानीय सांसद दिनेश कश्यप आदि मौजूद थे।
संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के 127वें जन्मदिवस के मौके पर श्री मोदी ने अपनी सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार के सभी कार्यक्रम गरीबों, दलितों, शोषिताें एवं वंचितों के लिए हैं और इन कार्यक्रमों का लाभ इन तबकों तक पहुंचे इस उद्देश्य से वह आज से ग्राम स्वराज कार्यक्रम का भी आरंभ कर रहे हैं जो पांच मई तक चलेगा।

उन्होंने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर ने विदेश से पढ़ाई करके अपना जीवन दलितों, शोषितों एवं वंचितों के लिए लगा दिया था। उन्होंने दलितों को सम्मानजनक जीवन का अधिकार दिलाने का संघर्ष किया और इन समुदायों में विकास की भूख एवं अधिकार की आकांक्षा जागृत की। उसी चेतना की देन है कि वह गरीब एवं पिछड़े परिवार में पैदा होने के बावजूद प्रधानमंत्री बन सके।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार गरीबों, दलितों, शोषितों एवं वंचितों की सरकार है। केन्द्र एवं भारतीय जनता पार्टी की राज्य सरकारों की योजनाएं लोगों के जीवन में बदलाव लाने में कामयाब रहीं हैं। इसी क्रम में आयुष्मान भारत योजना सामाजिक असंतुलन को समाप्त करने एवं देश में सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने में काफी प्रभावी साबित होगी। उन्होंने कहा कि देश के डेढ़ लाख स्थानों पर के उप केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अब स्वास्थ्य कल्याण केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कार्य को 2022 तक पूरा कर लेने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि इन केन्द्रों के माध्यम से देश के स्वास्थ्य परिदृश्य में व्यापक बदलाव आएगा और देश के प्रत्येक नागरिक के रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर और मानसिक तनाव एवं अवसाद की जांच की नियमित रूप से जांच की जाएगी और नियमित अंतराल पर उससे बचाव की सलाह दी जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कल्याण केन्द्र गरीबों के लिए पारिवारिक डॉक्टर के रूप में काम करेंगे। श्री मोदी ने लोगों से इन स्वास्थ्य कल्याण केन्द्रों का सरल भाषा में नामकरण करने के लिए सुझाव देने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत का अगला लक्ष्य देश के दस करोड़ गरीब परिवारों को चिकित्सकीय इलाज के लिए सालाना पांच लाख रुपये तक का बीमा उपलब्ध कराना है। इससे गरीबोंं को कैंसर, गुर्दे एवं दिल की बीमारियों तथा घुटने बदलवाने आदि के लिए पैसे की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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