ग्राम पंचायतों में डिजिटल लेन-देन में देश का प्रथम राज्य बना मध्यप्रदेश
भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विभाग के पंच परमेश्वर पोर्टल को भारत शासन का “गोल्ड आइकॉन” राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस अवार्ड आज हैदराबाद में अयोजित नेशनल ई-गवर्नेंस कांफ्रेंस में प्रदान किया गया। केन्द्रीय राज्य मंत्री डॉ. जीतेन्द्र सिंह ने हैदराबाद में आयोजित 21वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस कांफ्रेंस में यह पुरस्कार प्रदान किया। प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तत्कालीन अपर मुख्य सचिव श्री राधेश्याम जुलानिया, संचालक, पंचायत राज्य संचालनालय श्री शमीम उद्दीन वरिष्ट तकनिकी निदेशक, एनआईसी श्री सुनील जैन ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। केन्द्रीय मंत्री डॉ. श्री जीतेन्द्र सिंह ने प्रदेश के इस अभिनव प्रयास की सराहना करते हुए इसे पंचायती राज व्यवस्था के लिए एक अनुकरणीय पहल बताया है।

प्रदेश में ग्राम पंचायतों की कार्य-प्रणाली को सुगम, पारदर्श, विश्वसनीय तथा उत्तरदायी बनाने के लिये सूचना प्रौद्योगिकी की नवीनतम तकनीक का उपयोग करते हुये पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञानं केंद्र (एनआईसी) के माध्यम से पंच परमेश्वर पोर्टल बनाकर एक अभिनव पहल की है| भारत सरकार के डिजीटल इंण्डिया अभियान के अंतर्गत ग्राम के अंतिम छोर तक डिजीटल एवं केशलेस लेन-देन की प्रकिया को प्रभावी रूप से लागू करने के लिये यह पहल मील का पत्थर साबित होगी। पंच परमेश्वर पोर्टल का उपयोग करते हुये विभाग ने ग्राम पंचायतों के समस्त कार्य व्यवहार को पब्लिक डोमेन में प्रदर्शित किया है। ग्राम पंचायतों को प्राप्त होने वाली समस्त राशियों तथा उनके व्यय का एक-एक बिल वार विवरण पंचपरमेश्वर पोर्टल पर उपलब्ध रहता है। ग्राम पंचायतों की भुगतान व्यवस्था को पूर्णतः केशलेस किया गया है। इसके लिये प्रदेश एनआईसी के माध्यम से ग्राम पंचायतों कें बैक खातों से डिजीटल लेन-देन प्रारंभ हुआ है।

यह व्यवस्था अपनाने वाला मध्यप्रदेश देश का प्रथम राज्य है। इस भुगतान व्यवस्था में ग्राम पंचायतें उनके द्वारा किये जाने वाले व्यय को पंच परमेश्वर पोर्टल पर दर्ज करती हैं। तत्पश्चात ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव के मोबाइल नंबर पर आने वाले वन टाइम पासवर्ड से ई-भुगतान आदेश को लॉक कर भुगतान हेतु बैक को प्रेषित करती है। यह ई-भुगतान आदेश एनआईसी के सर्वर के द्वारा बैंक के सर्वर पर भुगतान हेतु प्रेषित किया जाता है। इस हेतु एनआईसी एवं 8 राष्ट्रीयकृत बैंको के सर्वर को इंटीग्रेट किया गया है। बैंको द्वारा भुगतान किये जाने के साथ ही भुगतान का विवरण भी पोर्टल पर उपलब्ध हो जाता है।

इस भुगतान व्यवस्था से ग्राम पंचायतों के समस्त वित्तीय अभिलेख स्वतः ही ऑनलाईन उपलब्ध होते हैं। उन्हें प्रथक से केशबुक, लेजर आदि अभिलेख तैयार करने की आवश्यकता नहीं होगी। इस प्रकार प्रदेश की ग्राम पंचायतें पूर्णतः पेपरलेस एवं कैशलेस पंचायतों के रूप में कार्य कर रही हैं। ग्राम पंचायतों के द्वारा किये जाने वाले समस्त कार्यो की वास्तविक स्थिति, उनका स्तर तथा फोटोग्राफ जीपीएस लोकेशन के साथ पोर्टल एवं एप्प पर उपलब्ध होते हैं। सार रूप में पंच परमेश्वर पोर्टल ग्राम पंचायत के ई-ऑफिस के रूप में उनके लिये उपयोगी सिद्ध हो रहा है। आज मध्यप्रदेश उन राज्यों में शामिल है, जहाँ मंत्रालय से लेकर ग्राम पंचायत तक कार्य प्रणाली को डिजिटल रूप में परिवर्तित किया गया है।

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