भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। लागभग एक घंटे चली मुलाकात  के दौरान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री को प्रदेश में चलायी जा रही भावांतर भुगतान योजना के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम मिल सके। श्री चौहान ने बताया कि भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कुछ परिवर्तन किये गये हैं, जिससे किसानों को अपनी फसलों का समय पर और उचित दाम मिल सके।  अब किसान चाहे तो अपनी फसल को चार महीने तक गोदामों में रखकर उचित समय पर बेहतर दाम मिलने पर बेच सकता है। किसानों को अपनी फसल मंडी में बेचने की बाध्यता समाप्त कर दी गयी है। गोदामों का किराया सरकार वहन करेगी। उन्होंने आगे बताया कि अगर किसान को किसी कारण पैसे की तत्काल जरूरत  है तो कुल फसल की 25 प्रतिशत राशि को बैंकों द्वारा ऋण उपलब्ध कराया जायगा। इस ऋण का ब्याज भी सरकार वहन करेगी। 

श्री चौहान ने आगे बताया कि भावांतर भुगतान योजना किसानों के लिये ऐसा सुरक्षा कवच है, जिससे किसान कभी भी किसी भी प्रकार की मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ेगा। 

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