दुबई : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूएई के दौरे पर हैं. रविवार को यहां वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट (विश्व शासन शिखर सम्मेलन) का आयोजन किया गया. इसमें कई देशों के प्रमुखों ने शिरकत की. समिट को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि छठवें वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होना, सिर्फ उनके ही नहीं, बल्कि 125 करोड़ भारतीयों का सम्मान है. इससे पूर्व पीएम ने भविष्य के म्यूजियम का भी दौरा किया.

टेक्नोलॉजी से चमत्कार
अपने भाषण में उन्होंने कहा कि जब भी वह यूएई आते हैं उन्हें अपनापन और बेहत प्यार मिलता है. उन्होंने कहा कि विकास के लिए टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल में दुबई अपनेआप में एक मिसाल है. यहां टेक्नोलॉजी के जरिए एक चमत्कार को साकार किया गया है. पृथ्वी में मनाव के विकास की यात्रा में हर छोटे-बड़े मुकाम पर टेक्नोलॉजी की छाप है. लगभग 200 साल पहले विश्व की लगभग एक मिलियन आबादी का 94 फीसदी हिस्सा गरीबी में रहता था. आज विश्व की जनसंख्या सात गुना से भी ज्यादा है, लेकिन इस आबादी का करीब 9.5 फीसदी ही. गरीबी में है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि टेक्नोलॉजी भारत के विकास में एक अहम रोल अदा कर रही है. उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार में समान विकास और सभी की समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए टेक्नोलॉजी बहुत ही अहम है. भारत में टेक्नोलॉजी के महत्व पर रोशनी डालते हुए उन्होंने आधार नंबर का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आधार के कारण तमाम योजनाओं में पारदर्शिता आई है. इसके द्वारा 800 करोड़ की हेराफेरी को रोका गया है. आज आधार के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों को मिल रहा है.

मानव स्वास्थ्य में टेक्नोलॉजी के महत्व पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि स्टेम सेल्स और री-जनरेशन तकनीक से कठिन बीमारियों का उपचार तो किया ही गया है साथ ही क्षतिग्रस्त हो चुके शरीर के हिस्सों को भी फिर से पहले जैसा बनाने में चमत्कारिक प्रयोग किए जा रहे हैं. इस तकनीक के जरिए ही मौसम का पूर्वानुमान किसानों और मछुआरों के लिए भी एक वरदान साबित हुआ है. आज हम अपनी फसलों को बचा रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास’ है. भारत में डिजिटल पेमेंट से क्रांति हो रही है.

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