नई दिल्ली। गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह ने आश्वस्त किया है कि सीमावर्ती बुनियादी ढांचे के लिए निधियों की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने आज यहां एमईएस बिल्डर्स एसोसियेशन ऑफ इंडिया के 43वें वार्षिक दिवस का उद्घाटन करते हुए कहा कि सरकार वन और पर्यावरण क्लियरेंस संबंधी विषयों में तेजी लाएगी जिनके कारण सामरिक परियोजनाओं में लगातार बाधा पड़ रही है। श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस बात पर जोर दिया है और राष्ट्र हित में परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के लिए क्लियरेंस प्राप्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सामरिक संरचना के लिए निजी-सार्वजनिक भागीदारी (पीपीपी) मॉडल महत्वपूर्ण होगा।

गृह मंत्री ने कहा कि सरकार ने 2017-22 की अवधि के दौरान सड़क संरचना के लिए 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली एक पंचवर्षीय महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की है। इसमें 2000 किलोमीटर से अधिक लंबी सीमा सड़क शामिल है। ई-संविदा प्रक्रिया की पारदर्शिता का उल्लेख करते हुए श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि परियोजनाओं को बेहतरीन तरीके से पूरा करना प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने सीमावर्ती बुनियादी ढांचे के निर्माण में बेहतर सहयोग करने के लिए सशस्त्र बलों और सीएपीएफ का आह्वान किया।

गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत के इतिहास में पहली बार इस सरकार ने आर्थिक सुधार जारी रखे हैं, जबकि देश की आर्थिक परिस्थिति मजबूत बनी हुई है। पिछली सरकारों ने कठिन वित्तीय परिस्थिति के बाद मजबूरन सुधार शुरू किया था।

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