बीजिंग: वियतनाम द्वारा विवादित दक्षिण चीन सागर में तेल एवं प्राकृतिक गैस क्षेत्र में निवेश के लिए भारत को आमंत्रित करने पर चीन भड़क गया है. गुरुवार को चीन ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि वह द्विपक्षीय संबंध बढ़ाने के बहाने अपने अधिकारों में दखल के विरोध में है. बता दें भारत में वियतनाम के राजदूत तोन सिन्ह थान्ह ने मंगलवार को एक सामाचार चैनल को कहा था कि उनका देश दक्षिण चीन सागर में भारतीय निवेश का स्वागत करेगा.

चीन ने जताई नाराजगी
न के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘‘चीन पड़ोस के संबंधित देशों के बीच सामान्य द्विपक्षीय संबंधों पर आपत्ति नहीं जताता है. लेकिन यदि इसका इस्तेमाल चीन के वैधानिक अधिकारों में दखल, दक्षिण चीन सागर में दिलचस्पी या क्षेत्रीय शांति व स्थिरता को खत्म करने में किया जाता है तो वह इसका कड़ा विरोध करता है.’’ उल्लेखनीय है कि चीन भारत की ओएनजीसी द्वारा दक्षिण चीन सागर में वियतनाम के दावे के कुओं में तेल की तलाश करने का पहले से ही विरोध करता आया है. भारत का कहना है कि ओएनजीसी व्यावसायिक परिचालन कर रही है और उसका कार्य क्षेत्र विवाद से जुड़ा नहीं है.

वहीं दक्षिण चीन सागर के तट पर कुछ दिन पहले एक ईरानी टैंकर के अगले हिस्से में आग लग जाने के बाद अब टैंकर में विस्फोट हो जाने से राहत अभियान पर असर पड़ा है और घटना में लापता हुए 31 लोगों के बचाव अभियान में जुटी बचाव नौकाओं को अपना अभियान रोकना पड़ा. इतना ही नहीं इससे पर्यावरण संबंधी चिंताएं भी उठनी शुरू हो गई हैं. शनिवार को ईरान से दक्षिण कोरिया जा रहे तेल टैंकर की हांगकांग में पंजीकृत मालवाहक जहाज से टक्कर हो गई थी जिसके बाद उसमें आग लग जाने के कारण 30 ईरानी एवं दो बांग्लादेशी नागरिक समेत चालक दल के 32 सदस्य लापता हो गए थे. जहाज पर 136,000 टन कच्चा तेल लदा था.

घटना के बाद से पनामा में पंजीकृत टैंकर सांची की आग बुझ नहीं पाई है और यह शंघाई एवं दक्षिण जापान के बीच समुद्र क्षेत्र में ही अटका हुआ है. टैंकर से अब तक किसी व्यक्ति को जीवित नहीं निकाला गया है और एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ है. हालांकि चीनी जहाज पर सवार चालक दल के सभी 21 सदस्यों को बचा लिया गया. जहाज के अगले हिस्से में बुधवार को विस्फोट हो गया था. चीन के परिवहन मंत्रालय ने कहा, ‘‘घटनास्थल पर मौजूद अन्य जहाजों को आग लगने से बचाना होगा और उन्हें वापस (सुरक्षित दूरी पर) लाना होगा.’’

कोई जवाब दें