नई दिल्ली। विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक 2018 स्वीट्जरलैंड के दावोस में 23 से 26 जनवरी, 2018 तक होगी। इस बैठक की थीम है ‘खंडित विश्व में साझा भविष्य बनाना।’ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी वार्षिक बैठक में भाग लेंगे। श्री मोदी 1997 के बाद मंच की वार्षिक बैठक में शामिल होने वाले पहले प्रधानमंत्री होंगे। वार्षिक बैठक में 350 राजनीतिक नेता (इनमें 60 से अधिक राष्ट्र और शासन प्रमुख, विश्व की महत्वपूर्ण कंपनियों के कार्यकारी अधिकारी तथा विभिन्न क्षेत्रों के 1000 से अधिक नेता भाग लेंगे।

प्रधानमंत्री 23 जनवरी, 2018 को उद्घाटन सत्र को प्रात: 11:00 बजे (भारतीय समय के अनुसार 3:30 बजे अपराहण) संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री दावोस में विश्व के शीर्ष कारोबारी नेताओं से मिलेंगे। प्रधानमंत्री विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख विदेशी कंपनियों के 120 शीर्ष कार्यकारी अधिकारियों वाली अंतर्राष्ट्रीय व्यवसाय परिषद के सदस्यों से भी बात करेंगे।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय का औद्योगिक नीति और संवर्द्धन विभाग 22 जनवरी, 2018 को वार्षिक बैठक 2018 में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों के लिए स्वागत समारोह का आयोजन करेगा। इसमें भारत में व्यवसाय के अवसरों तथा भारतीय विरासत और भारतीय खान-पान को दिखाया जाएगा।

वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली, वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री सुरेश प्रभु, रेल और कोयला मंत्री श्री पीयूष गोयल, पेट्रोलियम एवं गैस, कौशल विकास तथा उद्यमिता मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के प्रभारी तथा प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन, परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह तथा विदेश राज्य मंत्री श्री एम.जे. अकबर वार्षिक बैठक 2018 में भाग लेंगे। अगली पीढ़ी की औद्योगिक रणनीति और संरचना गति, चौथी औद्योगिक क्रांति, मैन्यूफैक्चरिंग में रोजगार के भविष्य पर आयोजित होने वाले 25 सत्रों में भारत सरकार के मंत्री भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और 2022 तक भारत को नये भारत में बदलने के प्रधानमंत्री के विजन को साझा करेंगे।

वर्तमान और संभावित निवेशकों के साथ इंवेस्ट इंडिया तथा सीआईए द्वारा 11 गोलमेज सम्मेलन अयोजित किए जाएंगे।

भारत इस वार्षिक बैठक में भारत में कारोबार के विशाल अवसरों तथा पिछले 2-3 वर्षों में भारत में लागू किए गए सुधारों को दिखाएगा। इनमें प्रत्यक्ष विदेशी निवेश सुधार है, जिससे इस अवधि में 195 मिलियन डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया है। विश्व बैंक की कारोबारी सुगमता रिपोर्ट में 30 पायदानों की छलांग 2017 में किसी देश की सबसे ऊंची छलांग है। बैठक में भारत में लागू अब तक का किया गया सबसे बड़ा कर सुधार जीएसटी, दिवाला एवं दिवालियापन संहिता तथा अन्य सुधारों को दिखाया जाएगा।

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