नई दिल्ली: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने युवाओं को प्रौद्योगिकी के नुकसान के बारे में आगाह करते हुए शुक्रवार को कहा कि इसका अधिक इस्तेमाल लोगों को अकेला कर सकता है. ओबामा ने उनसे आग्रह किया कि वे एक इंटरनेट कार्यकर्ता के तौर पर काम करने की बजाय आफलाइन अधिक सक्रिय हों.

ओबामा ने यहां टाउनहॉल में देश के कुछ लोगों को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक गैजेट शिक्षा में शिक्षकों के महत्व का स्थान नहीं ले सकते. उन्होंने कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी सब कुछ ठीक करने के लिए कोई जादू की छड़ी नहीं है.

हमारे सामने प्रौद्योगिकी के खतरे आ रहे हैं कि यह वास्तव में लोगों को अकेला कर सकती है. लोग अपने उपकरणों के इतने आदी हो जाएं कि वे कोई संवाद ही नहीं करें. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने शुक्रवार को कहा कि भारत को अपनी मुस्लिम आबादी की कद्र करनी चाहिए और उनका ध्यान रखना चाहिए जो खुद को इस देश से जुड़ा हुआ और भारतीय मानते हैं.

ओबामा ने एक न्‍यूजपेपर समिट में कहा कि इस विचार को सुदृढ़ किये जाने की जरूरत है. पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2015 में बतौर राष्ट्रपति भारत के आखिरी दौरे पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बंद कमरों में हुई बैठक के दौरान धार्मिक सहिष्णुता की जरूरत और किसी भी पंथ को मानने के अधिकार पर बल दिया था.

वर्ष 2009 से 2017 के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति रहे ओबामा ने अपनी यात्रा के आखिरी दिन भी इसी तरह की टिप्पणी की थी. भारत से जुड़े एक सवाल के जवाब में ओबामा ने देश की ‘बड़ी मुस्लिम आबादी’ का जिक्र किया, जो सफल, जुड़ा हुआ और खुद को भारतीय मानती है. ओबामा ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण रूप से कुछ अन्य देशों के साथ ऐसा नहीं है.

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