मनीला: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आसियान देशों से भारत में अपना निवेश बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि इस समय देश का कायाकल्प करने का काम ‘अभूतपूर्व स्तर ’ पर चल रहा है. मोदी यहां आसियान व्यापार मंच को संबोधित कर रहे थे जिसमें उन्होंने ​आर्थिक सुधारों के क्षेत्र में अपनी सरकार की पहलों को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ यानी पूर्व के देशों के साथ मिल कर काम करने की नीति के चलते दस सदस्य देशों वाला आसियान समूह भागीदारी के लिहाज से भारत की योजनाके केंद्र में आ गया है. उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के ज्यादातर क्षेत्रों को विदेशी निवेश के लिए खोल दिया गया है.

उन्होंने कहा, ‘भारत के कायाकल्प का काम अभूतपूर्व स्तर पर चल रहा है. हम सरल, प्रभावी व पारदर्शी प्रशासन के लिए दिन रात काम कर रहे हैं.’ मोदी ने कहा कि उनकी सरकार का ध्यान भारत को विनिर्माण केंद्र (हब) बनाना है और युवाओं को रोजगार सृजनकर्ता बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘न्यूनतम सरकार, कारगर शासन पर जोर के तहत लगभग 1200 पुराने कानूनों को पिछले तीन साल में समाप्त कर दिया गया है. हमने कंपनी शुरू करने की प्रक्रिया को सरल किया.’ प्रौद्योगिकी शुरू करने की दिशा में पहलों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि डिजिटल लेनदेन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है और प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल लोगों तक पहुंचने के लिए किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि भारत में जनसंख्या के एक बड़े हिस्से की बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच नहीं थी, लेकिन जन धन योजना ने कुछ ही महीनों में हालात को बदल दिया और लाखों लोगों की जीवन बदला. भारत व आसियान के बीच व्यापार संबंध मजबूत हो रहे हैं तथा दोनों पक्ष व्यापार व निवेश सहयोग को और मजबूत बनाना चाहते हैं. भारत सहित आसियान क्षेत्र की कुल जनसंख्या 1.85 अरब की है जो कि वैश्विक जनसंख्या का एक चौ​थाई है. आसियान देशों से भारत को निवेश बीते 17 साल में 70 अरब डॉलर से अधिक रहा.

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