वाशिंगटन। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को कहा कि भारत की वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को अपनाने की राह इसे बेपटरी करने के कई प्रयासों के बावजूद निर्विघ्न रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग कर अनुपालन नहीं कर रहे थे, संयोगवश जीएसटी की वजह से वे पकड़ में आ गए।

जेटली ने यह बात यहां भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और अमेरिका चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के एक संयुक्त कार्यक्रम में कही। वह इन दिनों एक सप्ताह की अमेरिका यात्रा पर हैं। यहां वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्वबैंक की वार्षिक बैठकों में शिरकत करेंगे। जेटली ने कहा कि जीएसटी के तहत सरकार ने कई आकर्षक योजनाएं शुरू कीं ताकि भारत में कर के लिए गैर-अनुपालन की स्थिति को कर-अनुपालन की दिशा में ले जाया जाए। उन्होंने कहा कि इसके चलते विभिन्न तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं। अब इनमें से कुछ कानूनी हैं जबकि कुछ को कर नहीं चुकाने वालों ने पैदा किया कि जीएसटी उनके लिए समस्याएं उत्पन्न कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास इतनी क्षमता होनी चाहिए कि वह सही और जबरदस्ती पैदा की गई शिकायतों में भेद कर सके।

न्यूयॉर्क में एक संबोधन में उन्होंने कहा कि राजनीतिक समूहों ने जीएसटी को बेपटरी करने के कई प्रयास किए। लेकिन मुझे इस बात की खुशी है कि उनकी खुद की राज्य सरकारों ने उनकी बातों को नहीं सुना क्योंकि वे समझ रही हैं कि इसका 80 फीसदी हिस्सा राज्य के पास आएगा। उन्होंने कहा कि जीएसटी में एक करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वालों के लिए हमारे पास एक योजना है और हम इन लोगों को कर के दायरे में लाने की कोशिश कर रहे हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था का वैश्विक एकीकरण ऐसे वक्त में हो रहा है जब अन्य अर्थव्यवस्थाएं अधिक संरक्षणवादी हो रही हैं।

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