वॉशिंगटन: अमेरिका में भारत की राजनयिक ने कहा कि मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मेक इन इंडिया’ योजना का लक्ष्य देश को वैश्विक विनिर्माण का हब बनाना और अपनी अर्थव्यवस्था को बदलना है. शिकागो में भारत की महावाणिज्य दूत नीता भूषण ने मध्य पश्चिम क्षेत्र से एक व्यापार समुदाय को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ ‘मेक इन इंडिया’ भारत सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक है, जिसका लक्ष्य भारतीय अर्थव्यवस्था को ‘‘वैश्विक विनिर्माण हब’’ बनाने के लिए परिवर्तित करना है.

भूषण ने कहा कि कम से कम 30 ऐसे आर्थिक क्षेत्र हैं जिसके विनिर्माण सेक्टर को भारत में स्थापित करने पर अंतरराष्ट्रीय कंपनियां विचार कर सकती हैं. उन्होंने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लाभों को रेखांकित किया कि कैसे 17 करों और 23 उपकरों को एक ही कर में समाहित किया गया. नीता ने कहा, ‘‘जीएसटी का लक्ष्य भारत में आयकर संरचना का एकीकरण करना है. सरकार ने व्यापार करने में आसानी लाने के लिए सुधारों की एक श्रृंखला चलाई.’’ उन्होंने अपने संबोधन में ‘‘स्किल इंडिया’’ और ‘‘डिजिटल इंडिया’’ जैसी भारत सरकार की प्रमुख योजनाओं का भी जिक्र किया.

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