भोपाल। प्रदेश के स्कूलों में आनंददायी वातावरण के निर्माण और कक्षा शिक्षण को रोचक तथा प्रभावी बनाने की दृष्टि से कहानी उत्सव का आयोजन किया जायेगा। प्रसिद्ध शिक्षाविद् श्री गिजुभाई वाधेका की शिक्षण विधि में कहानी को कक्षागत शिक्षण में आने वाली अनेक समस्याओं का समाधान माना गया है। व्यवस्था, अनुशासन, एकाग्रता, भाषा विकास, इतिहास-बोध, लोक-संस्कृति से परिचय आदि के लिए भी कथा/कहानी सर्वश्रेष्ठ विधि मानी गई है। इस संदर्भ में बच्चों के व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से शाला-स्तरीय कहानी उत्सव राष्ट्रकवि मैथलीशरण गुप्त की जंयती पर 3 अगस्त को प्रदेश की समस्त शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में किया जायेगा। राज्य-स्तरीय कहानी उत्सव शिक्षाविद् श्री गिजुभाई के जन्म-दिवस-29 नवम्बर को होगा।

शाला से राज्य-स्तर तक होने वाले ये कहानी उत्सव दो समूहों, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की सहभागिता के रूप में होंगे। शाला-स्तर के कहानी उत्सव में श्रेष्ठ कहानी वाचन करने वाले प्रतिभागी विद्यार्थी एवं शिक्षक का चयन किया जायेगा। उन्हें प्रसिद्ध कवियित्री सुभद्रा कुमारी चौहान की जयंती-16 अगस्त को जन-शिक्षा केन्द्र स्तर पर कहानी वाचन का मौका दिया जायेगा। जन-शिक्षा केन्द्र स्तर पर सर्वश्रेष्ठ कहानी वाचक को 14 सितम्बर-हिन्दी दिवस पर विकासखण्ड-स्तर पर कहानी उत्सव में कहानी वाचन के लिये चयनित किया जायेगा।

विकासखंड स्तर के समूहवार सर्वश्रेष्ठ कहानी-वाचकों को 8 अक्टूबर को कहानी सम्राट मुंशी प्रेमचंद की पुण्य-तिथि पर ज़िला-स्तरीय कहानी उत्सव में सहभागिता का अवसर मिलेगा।

ज़िला स्तरीय कहानी उत्सव के विजेता विद्यार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा 29 नवम्बर को शिक्षाविद श्री गिजुभाई के जन्म-दिवस पर राज्य-स्तरीय कहानी उत्सव में सहभागिता की जायेगी। कहानी उत्सव का राज्य स्तरीय कार्यक्रम, भोपाल में होगा।

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