हैम्बर्ग : जर्मनी के हैम्बर्ग में चल रहे जी-20 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ब्रिटेन की पीएम टेरेसा मे से मुलाकात की और उनके समक्ष भारत के आर्थिक अपराधियों के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया. पीएम मोदी की इस पहल से भगोड़े विजय माल्या और ललित मोदी की मुश्किलें बढ़नी तय हैं. विजय माल्या और ललित मोदी के खिलाफ भारत में आर्थिक अपराध के मामले दर्ज हैं.

गौरतलब है कि शराब कारोबारी विजय माल्या पर भारत के 17 बैंकों का करीब 9,000 करोड़ रुपये बकाया है. माल्या ने अपनी संकटग्रस्त किंगफिशर एयरलाइंस को उबारने के लिए इन बैंकों से कर्ज लिया था. इसके बाद बैंक कंसोर्टियम उन्हें देश से बाहर जाने से रोकने की अपील के साथ मार्च 2016 में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, तो माल्या इंग्लैंड भाग गए. इस बीच भारत सरकार की तरफ उन्हें भारत वापस लाने की कोशिश शुरू की गई और फिलहाल उनके प्रत्यर्पण का केस ब्रिटिश अदालत में विचाराधीन है.

आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी भी फरार हैं और ब्रिटेन में रहते हैं. ललित पर आईपीएल का कमिश्नर रहते हुए वित्तीय अनियमितताएं करने का आरोप है. ललित मोदी पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस चल रहा है. भारतीय एजेंसियां दोनों माल्या और मोदी का प्रत्यर्पण करने की कोशिश कर रही हैं लेकिन अभी तक उन्हें कामयाबी नहीं मिल पायी है.

पीएम मोदी ने इससे पहले इटली के प्रधानमंत्री पाओलो जेंटिलोनी और दक्षिण कोरियाई प्रधानमंत्री के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता की. इसके अलावा मेक्सिको, अर्जेंटीना, वियतनाम के नेताओं के साथ भी प्रधानमंत्री की द्विपक्षीय बैठक का कार्यक्रम है.

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