किसानों का नुकसान केन्द्र और राज्य मिलकर उठायेंगे

तुअर,मूंग और उड़द, प्याज खरीदी को दी मंजूरी

भोपाल 18 जून 2017

मध्यप्रदेश के किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिये राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रस्तावों को केन्द्र सरकार ने तत्काल मंजूर कर लिया है। इससे किसानों को राहत मिलेगी।
एमपीपोस्ट को मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्‍याज की खरीद करने और तुअर ,मूंग व उड़द के लिए भी राज्य सरकार ने बाजार हस्‍तक्षेप योजना के तहत केन्द्र के सामने प्रस्‍ताव रखा जिसको तत्काल प्रभाव से मंजूर कर लिया गया है। मूंग खरीदी के लिए भारत सरकार की नाफेड संस्था द्वारा व्यवस्था की गई है। राज्य शासन द्वारा 8 रूपये प्रति किलो की दर से किसानों से प्याज की खरीदी जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, राधा मोहन सिंह को प्रदेश में भारी उत्पादन होने और मूल्यों के कमी आने की स्थिति से अवगत कराते हुए बताया था कि मध्यप्रदेश में प्‍याज के मूल्‍यों में भारी गिरावट आई है और मण्‍डियों में प्‍याज कम कीमत पर बिक रहा है । किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस संदर्भ में राज्‍य सरकार द्वारा प्‍याज की खरीद करने के लिए बाजार हस्‍तक्षेप योजना के लिये प्रस्‍ताव तैयार किया गया । केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने तत्काल प्रभाव से इसे मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि “वे किसानो के लिये ऐसे सभी उपाय करने के लिये तैयार हैं जिनसे उन्हें लाभकारी मूल्य मिल सके। भविष्य के लिये ऐसी रणनीति बनाई जा रही है जिसमें किसानों को नुकसान नही उठाना पडे।”

क्या है बाजार हस्‍तक्षेप योजना?

गौरतलब है कि किसानों को वाजिब मूल्‍य दिलाने के लिए भारत सरकार की एक अनूठी पहल है बाजार हस्‍तक्षेप योजना (MIS) । इसके तहत अगर सामान्‍य वर्ष की तुलना में पैदावार में 10% से ज्‍यादा की वृद्धि होती है या बाजार मूल्‍य में 10% से ज्‍यादा गिरावट आती है तब राज्‍य सरकार के प्रस्‍ताव पर भारत सरकार उन जिन्‍सों को क्रय करने का आदेश देती है जिनके लिए न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य का निर्धारण नहीं होता।
इस योजना के तहत राज्‍य और केन्‍द्र सरकार को मिलकर नुकसान का बोझ बराबर -बराबर वहन करना होता है। इस योजना के तहत कर्नाटक में सुपाड़ी, आंध्र एवं तेलंगाना में मिर्चा, आंध्र और तमिलनाडु में पामऑयल और उत्‍तर प्रदेश में आलू खरीदने के आदेश्‍ दिये गये थे। हाल ही में उत्‍तर प्रदेश में आलू की खरीद से बाजार मूल्‍य में भी वृद्धि हुई और किसानों को पैदावार की लागत मूल्य भी मिल गई।

मध्य प्रदेश सरकार राज्‍य के किसानों को वाजिब दाम दिलाने में होने वाले वित्‍तीय बोझ को वहन करना चाहती। इसी कारण से खरीद करने के लिए बाजार हस्‍तक्षेप योजना के तहत भारत सरकार के समक्ष राज्‍य सरकार ने प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत किये जिसे तुरंत मंजूरी भी मिल गई।

भारत सरकार के कृषि एवं सहयोग विभाग ने ऐसी कृषि एवं बागवानी जिंसों को खरीदने के लिए बाजार हस्‍तक्षेप योजना (एमआईएस) लागू की है, जो आमतौर पर जल्‍द खराब हो जाती हैं। एमआईएस का मुख्‍य उद्देश्‍य उत्‍पादन की भरमार हो जाने अथवा कीमतों में गिरावट की स्थिति आने पर किसानों को वाजिब मूल्‍य सुनिश्चित करना है। एमआईएस को उन राज्‍य सरकार व् केन्‍द्र शासित प्रदेश के विशेष अनुरोध पर क्रियान्वित की जा रही है जो केन्‍द्र सरकार के साथ 50:50 के अनुपात में नुकसान को वहन करने पर सहमति जताते हैं।

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